कांग्रेस गलत दिशा में आगे बढ़ रही-गौरव वल्लभ
सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकता- गौरव वल्लभ
New Delhi
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दो पत्र की चिट्ठी लिखी और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी में सहज महसूस नहीं कर रहा हूं।
कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं में राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ का नाम भी शामिल हो गया है। इससे पहले गौरव वल्लभ का नाम सुर्खियों में तब आया था जब उन्हें 2019 में झारखंड की जमशेदपुर पूर्व सीट पर तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ उतारा गया था। वह चुनाव नहीं जीत सके थे। पिछले साल राजस्थान चुनावों में भी उन्हें कांग्रेस ने उन्हें उदयपुर शहर से टिकट दिया था। हालांकि, वे जीत नहीं सके। आज उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
क्यों दिया इस्तीफा?
दरअसल, वरिष्ठ नेता गौरव वल्लभ ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दो पेज का पत्र लिखकर सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को दिशाहीन बताया। फिर यह भी कहा कि मैं रोज-रोज न तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और न ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता हूं।
दरअसल, वरिष्ठ नेता गौरव वल्लभ ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दो पेज का पत्र लिखकर सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को दिशाहीन बताया। फिर यह भी कहा कि मैं रोज-रोज न तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और न ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता हूं।
पत्र में ये भी लिखा
उन्होंने अपने पत्र में लिखा क अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा में कांग्रेस पार्टी के स्टैंड से मैं क्षुब्ध हूं। मैं जन्म से हिंदू और कर्म से शिक्षक हूं। पार्टी के इस स्टैंड ने मुझे हमेशा असहज किया। परेशान किया। पार्टी व गठबंधन से जुड़े कई लोग सनातन के विरोध में बोलते हैं। और पार्टी का उसपर चुप रहना, उसे मौन स्वीकृति देने जैसा है। इन दिनों पार्टी गलत दिशा में आगे बढ़ रही है। एक ओर हम जाति आधारित जनगणना की बात करते हैं। वहीं दूसरी ओर संपूर्ण हिंदू समाज के विरोधी नजर आ रहे हैं। यह कार्यशैली जनता के बीच पार्टी को एक खास धर्म विशेष के ही हिमायती होने का भ्रामक संदेश दे रही है। यह कांग्रेस के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ है।
जमशेदपुर के एक कॉलेज में रह चुके हैं प्रोफेसर
43 वर्षीय गौरव वल्लभ मूलतः राजस्थान के जोधपुर जिले के रहने वाले हैं। पीपाड़ गांव में प्रारंभिक शिक्षा के बाद वे पाली के बांगड़ कॉलेज में भी पढ़े। उन्होंने अजमेर के महर्षि दयानंत सरस्वती विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली। राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से पीएचडी की। वह जमशेदपुर के एक्सएलआरआई कॉलेज में प्रोफेसर थे। वित्त के प्रोफेसर गौरव वल्लभ को टीवी डिबेट्स में कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखने के लिए भी जाना जाता है। वह आंकड़ों की मदद से स्पष्टता से अपनी बात रखते हैं, जिससे टीवी डिबेट्स में कांग्रेस का पक्ष मजबूती से आता था। उनका कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका भी है। उन्हें कांग्रेस के उन चुनिंदा प्रवक्ताओं में गिना जाता था, जो पार्टी का पक्ष बेहतर ढंग से लोगों के सामने रखते हैं।
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