श्रीश्याम सांवरिया मित्र मंडल से रेवाड़ी रोड पटौदी में श्रीश्याम मार्केट में भंडारे का आयोजन किया गया
पटौदी में बाबा खाटू श्याम का चौथा विशाल भंडारे का आयोजन
रफीक खान/पटौदी
कलयुग में खाटू श्याम की मान्यता देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय है फागुन माह की एकादशी को लोग खाटू श्याम की पूजा अर्चना करते हैं और इसी दिन अमला एकादशी का व्रत भी रखते हैं और अगले दिन प्रसाद भंडारे का भी आयोजन किया जाता है आपको बता दें कि खाटू श्याम बाबा का मेला राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर में लगता है यह मेल हर वर्ष फागुन मन में लगता है इस मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं
श्री श्याम सांवरिया मित्र मंडल के प्रधान सुरेश सैनी ने बताया कि शास्त्रों के मुताबिक खाटू श्याम पांडु पुत्र भीम के पुत्र थे जब पांडव अपनी जान बचाते हुए वनों में भटक रहे थे तब भी की मुलाकात हिडिंबा से हुई और दोनों की शादी हो गई और दोनों से पुत्र घटोत्कच हुए इसके इसके बाद घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक हुए कहते हैं कि बाद में यही बर्बरीक खाटू श्याम के नाम से जाने गए शास्त्रों के अनुसार अपनी माता की आज्ञा के अनुसार महाभारत के युद्ध में भाग लेने पहुंचे बर्बरीक ने कहा की जो युद्ध में हारेगा मैं उसका साथ दूंगा इसलिए उनको हर का सहारा भी कहा जाता है तत्पश्चात श्री कृष्ण ने उनके शीश का दान मांग लिया और आशीर्वाद दिया और कहा कि कलयुग में तुम्हें मेरे नाम से जाना जाएगा तभी बर्बरीक को खाटू श्याम के नाम से जाना जाने लगा प्रधान सुरेश सैनी ने बताया कि हम हर वर्ष खाटू श्याम का भंडारे का आयोजन करते हैं कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः खाटू श्याम की आरती से की गई तत्पश्चात खाटू श्याम को भोग लगाकर भंडारे का आयोजन किया गया इस मौके पर नीरज यादव हरीश यादव सोनू वर्मा सुनील यादव करतार सिंह चंद्रपाल मोनू सैनी ईश्वर सैनी प्रीतम वर्मा मोंटी चौहान सहित काफी संख्या में खाटू श्याम बाबा के श्रद्धालु मौजूद रहे !
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